रांची : एमपी-एमएलए कोर्ट ने मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन को ईडी समन की अवमानना मामले में 12 दिसंबर को सशरीर अदालत में उपस्थित होने का अंतिम मौका दिया है। कोर्ट के विशेष न्यायिक दंडाधिकारी सार्थक शर्मा ने कहा कि मुख्यमंत्री को व्यक्तिगत रूप से अदालत में पेश होना होगा।
बता दें कि ईडी ने रांची के बड़गाईं क्षेत्र की जमीन से जुड़े मामले में वर्ष 2023 में कई समन जारी किए थे। लगातार समन के बावजूद मुख्यमंत्री ईडी के सामने पूछताछ के लिए नहीं गए। हालांकि 10वें समन के बाद ईडी की टीम सीएम हाउस पहुंची और वहां हेमंत सोरेन से पूछताछ की गई।
समन की अवहेलना को लेकर ईडी ने फरवरी 2023 में मुख्य न्यायिक दंडाधिकारी की अदालत में शिकायत दर्ज कराई। इसके बाद अदालत ने 4 मार्च 2024 को आईपीसी की धारा 174 के तहत मामले की संज्ञान लेकर इसे एमपी-एमएलए कोर्ट को भेज दिया।
एमपी-एमएलए कोर्ट ने मुख्यमंत्री को व्यक्तिगत रूप से उपस्थित होने का निर्देश दिया था। इसके खिलाफ हेमंत सोरेन झारखंड हाईकोर्ट पहुंचे। हाईकोर्ट ने उन्हें अस्थायी रूप से व्यक्तिगत पेशी से छूट दे दी थी।
लेकिन 25 नवंबर को ईडी की याचिका पर सुनवाई करते हुए हाईकोर्ट ने राहत वापस ले ली और मुख्यमंत्री को निचली अदालत में पेश होने तथा ट्रायल जारी रखने का आदेश दिया।
आज एमपी-एमएलए कोर्ट में सुनवाई थी, लेकिन मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन अदालत में पेश नहीं हुए। इसलिए कोर्ट ने अब 12 दिसंबर को पेश होने का अंतिम मौका दिया है।
एमपी-एमएलए कोर्ट ने हेमंत सोरेन को 12 दिसंबर को पेश होने का अंतिम मौका दिया

