चाईबासा : झारखंड भाजपा प्रदेश प्रवक्ता और पूर्व सांसद गीता कोड़ा ने मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन की घोषणाओं को वास्तविकता से दूर बताते हुए सरकार पर गंभीर आरोप लगाए हैं। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री ने 49,000 सरकारी नौकरियों का दावा किया था, लेकिन अब केवल 10,000 नियुक्ति पत्र वितरित किए जा रहे हैं, जो जनता को भ्रमित करने जैसा है।
फाइनेंस विभाग के आंकड़ों का हवाला देते हुए गीता कोड़ा ने कहा कि 2022–23 में 5,33,737 स्वीकृत पद थे, जो 2024–25 में घटकर 3,26,049 रह गए। इसमें शिक्षा विभाग के 1.82 लाख और पुलिस विभाग के 39,000 से अधिक पद शामिल हैं। उन्होंने इसे “सपनों का चूरन” बेचने के समान बताया।
पूर्व सांसद ने ‘सरकार आपके द्वार’ कार्यक्रम की भी आलोचना की। उनका कहना था कि 2021 से 2023 तक लाखों आवेदन आए, लेकिन सरकार यह नहीं बता सकी कि कितनों का निपटान हुआ। उन्होंने इसे सेवा के बजाय राजनीतिक प्रचार का माध्यम करार दिया।
गीता कोड़ा ने स्थानीय नीति और नियोजन नीति न लागू होने का भी आरोप लगाया और सवाल उठाया कि क्या नौकरियाँ आदिवासी-मूलवासी युवाओं को मिलेंगी या बाहरी राज्यों के लोगों को।
उन्होंने सरकार से मांग की कि हटाए गए सभी पद बहाल किए जाएँ, स्थानीय और नियोजन नीति तुरंत लागू की जाए और ‘सरकार आपके द्वार’ कार्यक्रम के पुराने आवेदन का पूरा लेखा-जोखा सार्वजनिक किया जाए।
गीता कोड़ा ने झारखंड सरकार पर बोला हमला, सरकारी नौकरियों और ‘सरकार आपके द्वार’ योजना पर उठाए सवाल

