चाईबासा : उपायुक्त सह जिला दंडाधिकारी के निर्देश पर मंगलवार को जिले में बन रहे ब्लैक स्पॉट्स का संयुक्त निरीक्षण किया गया। सड़क दुर्घटनाओं को कम करने के उद्देश्य से राष्ट्रीय उच्च पथ प्रमंडल, जिला परिवहन विभाग और पुलिस विभाग की संयुक्त टीम ने विभिन्न दुर्घटनाग्रस्त क्षेत्रों का निरीक्षण किया।
निरीक्षण में जिला परिवहन पदाधिकारी गौतम कुमार, राष्ट्रीय उच्च पथ प्रमंडल चाईबासा के सहायक अभियंता राजाराम दीवाना, पुलिस विभाग के अधिकारी और जिला सड़क सुरक्षा टीम शामिल रहे।
निरीक्षण के प्रमुख स्थल :
मुफ्फसिल थाना क्षेत्र – बादुरी गांव :
यहां लगातार हो रही दुर्घटनाओं का मुख्य कारण तेज रफ्तार पाया गया। अब तक हुई 7 दुर्घटनाओं में दोपहिया, ट्रक और अज्ञात वाहनों की संलिप्तता रही। इस क्षेत्र में रम्बल स्ट्रिप, स्पीड लिमिट संकेतक बोर्ड और NH-220 से जुड़ने वाली ग्रामीण सड़क पर स्पीड ब्रेकर लगाने की जरूरत बताई गई। साथ ही, हेलमेट और सीट बेल्ट के उपयोग को लेकर जनजागरूकता अभियान चलाने एवं सड़क सुरक्षा ग्राम समिति बनाने का सुझाव दिया गया।
सदर थाना क्षेत्र – आर.के. जैन पेट्रोल पंप से ओवरब्रिज तक का मार्ग :
इस क्षेत्र में अतिक्रमण, घनी आबादी और भारी ट्रैफिक को दुर्घटनाओं का प्रमुख कारण माना गया। यहां अब तक 9 दुर्घटनाएं दर्ज की गई हैं, जिनमें बस, दोपहिया और ट्रक शामिल रहे। बेहतर ट्रैफिक प्रबंधन, बस स्टैंड चौक का चौड़ीकरण, दोपहिया और भारी वाहनों पर कड़ा एन्फोर्समेंट तथा सड़क किनारे अतिक्रमण हटाने की जरूरत पर जोर दिया गया।
प्रशासन की कार्रवाई :
प्रशासन का कहना है कि ब्लैक स्पॉट्स की पहचान कर सुधारात्मक कदम उठाए जाएंगे, जिससे सड़क दुर्घटनाओं की संख्या में कमी लाई जा सके। आगे भी सड़क सुरक्षा को लेकर नियमित निरीक्षण और कार्रवाई जारी रहेगी।

