रांची | झारखंड में आयोजित उत्पाद सिपाही भर्ती परीक्षा के कथित पेपर लीक मामले में गिरफ्तार 168 आरोपितों को शुक्रवार को बड़ी राहत मिली। रांची स्थित अपर न्यायायुक्त योगेश की अदालत ने सभी आरोपितों को 20-20 हजार रुपये के दो-दो निजी मुचलकों पर जमानत दे दी। इससे पहले बुधवार को मामले की सुनवाई पूरी होने के बाद अदालत ने अपना फैसला सुरक्षित रख लिया था।

गौरतलब है कि 11 अप्रैल 2026 को उत्पाद सिपाही भर्ती परीक्षा में पेपर लीक के आरोप में पुलिस ने 168 लोगों को गिरफ्तार किया था। गिरफ्तार लोगों में अधिकांश परीक्षार्थी शामिल थे। गिरफ्तारी के बाद सभी आरोपितों को अदालत में पेश कर न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया था।
जानकारी के अनुसार, पुलिस को सूचना मिली थी कि तमाड़ थाना क्षेत्र के रड़गांव स्थित एक अर्धनिर्मित भवन में बड़ी संख्या में लोग जमा हैं। सूचना के आधार पर गठित विशेष छापेमारी दल ने 11 अप्रैल की देर रात वहां छापा मारा। पुलिस टीम को देखते ही मौके पर मौजूद लोग भागने लगे, लेकिन कार्रवाई के दौरान 168 लोगों को गिरफ्तार कर लिया गया।

गिरफ्तार आरोपितों में अंतरराज्यीय पेपर लीक एवं परीक्षा सॉल्व कराने वाले गिरोह के पांच कथित सरगना — अतुल वत्स, विकास कुमार, शेर सिंह, आशीष कुमार और योगेश प्रसाद — भी शामिल हैं। इसके अलावा सात महिला आरोपितों को भी गिरफ्तार किया गया था।
पुलिस जांच में खुलासा हुआ कि गिरोह के एजेंटों ने अभ्यर्थियों को तमाड़ के रड़गांव में ठहराया था, जहां उन्हें कथित तौर पर प्रश्नों के उत्तर रटाए जा रहे थे। जांच में यह भी सामने आया कि गिरोह ने अभ्यर्थियों के मोबाइल फोन और एडमिट कार्ड अपने कब्जे में ले रखे थे।

बताया गया कि नौकरी दिलाने के नाम पर अभ्यर्थियों से 10-10 लाख रुपये तक की रकम तय की गई थी। कुछ अभ्यर्थियों ने गिरोह के सदस्यों के नाम पर बैंक चेक भी दिए थे।
इस मामले में तमाड़ थाना में कांड संख्या 21/2026 दर्ज किया गया है। प्राथमिकी में 152 पुरुष अभ्यर्थियों, सात महिला अभ्यर्थियों, पांच कथित गैंग सरगनाओं समेत अन्य लोगों को आरोपित बनाया गया है। सभी गिरफ्तार आरोपितों को 13 अप्रैल को अदालत में पेश किया गया था, जिसके बाद उन्हें न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया था।

