धान खरीद में जूट–सूत्री बोरा के नाम पर जिला भार किसानों से लूट का आरोप
चाईबासा : पश्चिम सिंहभूम जिले में सरकारी धान खरीद व्यवस्था किसानों के लिए राहत नहीं, बल्कि शोषण का जरिया बनती जा रही है। धान क्रय केंद्रों पर जूट बोरा और सूत्री बोरा को लेकर किसानों से मनमानी, अवैध शर्तें और वजन कटौती किए जाने के गंभीर आरोप सामने आए हैं।
एंटी करप्शन ऑफ इंडिया के झारखंड प्रदेश अध्यक्ष धी.रामहरि पेरियार ने उपायुक्त, पश्चिम सिंहभूम को शिकायत देकर बताया कि किसानों पर जबरन जूट बोरा लाने की शर्त थोपी जा रही है, जबकि बाजार में जूट बोरा उपलब्ध नहीं है और सरकार इसकी आपूर्ति सुनिश्चित नहीं कर पा रही है।
उन्होंने आरोप लगाया कि सूत्री बोरा (प्लास्टिक बोरा) में लाए गए धान को कभी अवैध बताकर खरीद से इनकार किया जाता है, तो कभी उसी बोरे में धान लेकर मनमाने ढंग से वजन काटा जाता है। वहीं जूट बोरा में भी प्रति बोरा 4 से 5 किलो तक अवैध कटौती की जा रही है।
रामहरि ने कहा कि अलग-अलग क्रय केंद्रों पर अलग-अलग नियम लागू होना इस बात का प्रमाण है कि धान खरीद नियमों से नहीं, बल्कि सुविधा और दलाली के आधार पर हो रही है।
उन्होंने सवाल उठाया कि जब बोरा सरकारी नहीं है, तो उस पर सरकारी शर्त कैसे थोपी जा सकती है।
उन्होंने मांग की कि सभी धान क्रय केंद्रों की उच्चस्तरीय जांच कर दोषियों पर सख्त कार्रवाई की जाए और किसानों को हुई क्षति की भरपाई कराई जाए। चेतावनी दी गई कि यदि जल्द कार्रवाई नहीं हुई, तो किसान और जन संगठन आंदोलन व न्यायालय का रुख करेंगे, जिसकी जिम्मेदारी जिला प्रशासन की होगी।

