रांची स्थित प्रेस क्लब में आगामी 21 फरवरी को अंतर्राष्ट्रीय मातृभाषा दिवस के अवसर पर अखिल झारखंड साहित्य अकादेमी द्वारा “साहित्य पुरस्कार–2026” का आयोजन किया जाएगा। इस अवसर पर विभिन्न झारखंडी भाषाओं के साहित्यकारों को सम्मानित किया जाएगा।

संताली साहित्य के लिए श्री सुन्दर टुडू को उनकी पुस्तक “आगाम रेयाग नागाम आर संताड़ी धोरोम शास्त्र”, कुड़ुख साहित्य के लिए डॉ नारायण उरांव को “तोलौंग सिकी उद्भव एवं विकास”, खोरठा साहित्य के लिए श्री चितरंजन महतो को “जिनगीक टोह”, नागपुरी साहित्य के लिए श्री छितिस कुमार राय को “रूपु” तथा पंचपरगनिया साहित्य के लिए डॉ दीनबंधु महतो को “राम किस्ट केर” पुस्तक के लिए साहित्य सम्मान प्रदान किया जाएगा। वहीं हो, मुंडारी और खड़िया साहित्य के पुरस्कार फिलहाल लंबित रखे गए हैं।

कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में महामहिम राज्यपाल तथा विशिष्ट अतिथि के रूप में डॉ रामेश्वर उरांव को आमंत्रित किया गया है।

अखिल झारखंड साहित्य अकादेमी के संस्थापक एवं त्यागी विधायक श्री सूर्य सिंह बेसरा हैं। वे Rabindranath Tagore की कृति Gitanjali और Harivansh Rai Bachchan* की प्रसिद्ध कृति Madhushala के संताली अनुवादक हैं। उन्हें वर्ष 2017 में Sahitya Akademi, नई दिल्ली द्वारा साहित्य सम्मान से सम्मानित किया जा चुका है। वे Ram Dayal Munda और स्वर्गीय B. P. Keshri के अधूरे सपनों को पूरा करने के लिए संकल्पित हैं।
आयोजित आमसभा की अध्यक्षता श्री सूर्य सिंह बेसरा ने की, जबकि संचालन अकादेमी की सचिव डॉ सबिता केशरी ने किया। बैठक में उपाध्यक्ष डॉ बीरबल महतो सहित विभिन्न भाषाओं के संयोजक एवं कार्यकारिणी सदस्य उपस्थित थे।

