#भोगनाडीह #संथालपरगना #स्थापनादिवस #हूलदिवस #सिदो_कान्हू #आदिवासीअधिकार #चम्पाईसोरेन #maskalnews

भोगनाडीह कार्यक्रम में शामिल होने से रोके जाने का आरोप, चम्पाई सोरेन ने सरकार पर लगाए गंभीर आरोप

भोगनाडीह कार्यक्रम में शामिल होने से रोके जाने का आरोप, चम्पाई सोरेन ने सरकार पर लगाए गंभीर आरोप

साहिबगंज : पूर्व मुख्यमंत्री एवं जनप्रतिनिधि चम्पाई सोरेन ने राज्य सरकार पर उन्हें भोगनाडीह जाने से रोकने का आरोप लगाया है। उन्होंने कहा कि 22 दिसंबर को वीर सिदो-कान्हू हूल फाउंडेशन द्वारा आयोजित संथाल परगना स्थापना दिवस कार्यक्रम में उन्हें शामिल होना था, लेकिन सरकार ने कार्यक्रम को रोकने के लिए पूरी प्रशासनिक ताकत झोंक दी।
उन्होंने बताया कि कार्यक्रम की अनुमति के लिए आवेदन देने के बावजूद दो सप्ताह तक उसे लंबित रखा गया। इसके बाद जिला प्रशासन ने दर्जन भर मजिस्ट्रेट की तैनाती कर दी और कई कठोर व असामान्य शर्तें लगा दीं। आयोजकों से 30 वॉलंटियरों की सूची आधार कार्ड के साथ थाने में जमा करने, मैदान के बाहर गेट निर्माण की अनुमति न देने तथा पूरे प्रशासन को अलर्ट पर रखने जैसे निर्देश दिए गए।
चम्पाई सोरेन ने सवाल उठाया कि क्या कभी किसी सामान्य खेल या सामाजिक कार्यक्रम में इतने मजिस्ट्रेट और पुलिस बल की तैनाती होती है। उन्होंने कहा कि ट्रैफिक प्रबंधन, नशा मुक्ति और जुआ-सट्टा रोकने जैसी जिम्मेदारियां प्रशासन की होती हैं, लेकिन इन्हें आयोजकों पर थोपने का प्रयास किया जा रहा है।
उन्होंने आरोप लगाया कि साहिबगंज जिले में उनके कार्यक्रमों पर अघोषित प्रतिबंध लगाया गया है, जबकि राज्य के अन्य जिलों में उन्होंने कई सामाजिक कार्यक्रमों में बिना किसी समस्या के भाग लिया है। उन्होंने यह भी कहा कि आयोजकों के खिलाफ कार्रवाई की साजिश रची जा रही है ताकि बाद में पुलिसिया दमन किया जा सके।
नगड़ी आंदोलन का जिक्र करते हुए चम्पाई सोरेन ने कहा कि इससे पहले भी सरकार ने उन्हें रोकने की कोशिश की थी, लेकिन जनता की ताकत के आगे सरकार को पीछे हटना पड़ा था। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि सरकार दमन का रास्ता अपनाएगी तो उसका जवाब जनआंदोलन से दिया जाएगा।
उन्होंने घोषणा की कि आगामी 30 जून 2026 को हूल दिवस के अवसर पर झारखंड, पश्चिम बंगाल, बिहार और ओडिशा से लाखों आदिवासी समाज के लोग रथ यात्रा के साथ भोगनाडीह पहुंचेंगे और अगर सरकार में ताकत हो, तो हमें रोक के दिखाए।