चाईबासा : धरती आबा वीर बिरसा मुंडा की 150वीं जयंती और झारखंड स्थापना दिवस के रजत जयंती अवसर पर चाईबासा के गितिलपी चौक और कॉलेज मोड़ में कोल्हान शहीद स्मारक समिति की ओर से विशेष कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम की शुरुआत ग्रामीण दिऊरि रमेश सवैंया ने आदि संस्कृति की पारंपरिक विधि-विधान के साथ पूजा कर की। इसके बाद सांस्कृतिक मंच पर स्थानीय कलाकारों ने रंगारंग प्रस्तुतियां दीं, जिससे माहौल उत्सवमय हो गया।
इस आयोजन का उद्देश्य वीर बिरसा मुंडा के योगदान को याद करना और 15 नवंबर 2000 से मनाए जा रहे झारखंड स्थापना दिवस के ऐतिहासिक महत्व को रेखांकित करना था। कार्यक्रम को कोल्हान के उन आंदोलनकारियों की स्मृति में भी समर्पित किया गया, जिन्होंने अलग झारखंड राज्य की लड़ाई को मजबूत किया था।
कार्यक्रम में प्रमुख अतिथि के रूप में “नो एंट्री” आंदोलन के समर्थक और सामाजिक कार्यकर्ता साधु हो’ उपस्थित रहे। उन्होंने कहा कि बिरसा मुंडा ने अपनी प्रारंभिक शिक्षा इसी कोल्हान क्षेत्र से शुरू की थी, इसलिए यहां उनकी जयंती मनाना गर्व की बात है। उन्होंने युवाओं से कोल्हान की सांस्कृतिक विरासत को आगे बढ़ाने की अपील की और घोषणा की कि आने वाले वर्षों में इस दिवस को राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर मनाने के प्रयास किए जाएंगे।
कार्यक्रम को सफल बनाने में समिति के अध्यक्ष सोना सवैंया, कृष्ण चंद्र सवैंया, दिनेश चंद्र सवैंया, अदम मुंदुईया, ललित सवैंया, बुदन सिंह सवैंया, रंजन मुंदुईया, कमल किशोर सिरका, सलेन मुंदुईया, सरस्वती मुंदुईया सहित कई सामाजिक कार्यकर्ताओं और ग्रामीणों का महत्वपूर्ण योगदान रहा।
चाईबासा में बिरसा मुंडा की 150वीं जयंती और झारखंड स्थापना दिवस पर विशेष समारोह आयोजित

