चाईबासा : चाईबासा स्थित मानकी मुंडा संघ सभागार में शुक्रवार, 13 फरवरी 2026 को मासिक बैठक आयोजित की गई। इस बैठक में विशेष अतिथि के रूप में देशाउली फाउंडेशन के संस्थापक साधु हो शामिल हुए।

बैठक में उपस्थित मानकी-मुंडाओं और सामाजिक कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए साधु हो ने कहा कि देशाउली फाउंडेशन आदिवासी समुदाय द्वारा संचालित एक स्वायत्त सामाजिक संस्था है, जो पर्यावरण संरक्षण के साथ-साथ आदिवासी कला-संस्कृति, परंपरा, मान्यताओं और स्वशासन व्यवस्था के संरक्षण के लिए कार्य कर रही है।

उन्होंने देशाउली-जयरा और अन्य पवित्र स्थलों के संरक्षण की आवश्यकता पर जोर देते हुए कहा कि स्वशासन व्यवस्था से जुड़े दियुरियों की स्थिति और प्राकृतिक रूप से स्थापित देशाउली स्थलों पर खतरा मंडरा रहा है। उन्होंने इन समस्याओं के समाधान के लिए कोल्हान क्षेत्र के मानकी-मुंडाओं से सहयोग करने और सामाजिक एकता एवं सौहार्द बनाए रखने की अपील की।

साधु हो ने बताया कि आगामी “दियुरी संवाद” कार्यक्रम के तहत देशाउली फाउंडेशन द्वारा प्रखंड समन्वयकों को गांव-गांव भेजकर दियुरियों का डाटा संग्रह किया जाएगा। इस कार्य में सभी मुंडा-मानकी से सहयोग करने का अनुरोध किया गया।

