सिकुरसाई : रविवार सुबह 11 बजे मौजा सिकुरसाई स्थित पीढ़ मानकी शिवचरण पडेया जी के आवास पर एक महत्वपूर्ण बैठक का आयोजन किया गया। बैठक में उनके अधीन सभी मौजा के मुंडा जनों को शामिल होने का निर्देश दिया गया था। इस अवसर पर PESA कानून के मूल बिंदुओं पर विस्तार से चर्चा की गई।
बैठक में विशेष रूप से डालसा से जुड़े वकील दोराईबुरु जी को आमंत्रित किया गया था। उन्होंने PESA कानून से संबंधित प्रावधानों को सरल और सहज भाषा में उपस्थित लोगों को समझाया। इसके बाद सवाल-जवाब का सत्र आयोजित किया गया।
सवाल-जवाब के दौरान यह स्पष्ट रूप से देखने को मिला कि अधिकांश मुंडा जनों के प्रश्न जमीन की खरीद-बिक्री से संबंधित थे। करीब 40 गांवों से आए मुंडा जनों के लगभग 90 प्रतिशत सवाल इसी विषय पर केंद्रित रहे। गांव की व्यवस्था सुधार, आम सभा और ग्राम सभा की भूमिका जैसे महत्वपूर्ण मुद्दों पर किसी ने प्रश्न नहीं उठाया। इस पर वकील दोराईबुरु जी ने भी टिप्पणी करते हुए कहा कि बैठक में आम रैयतों से जुड़े विषयों पर अपेक्षित चर्चा नहीं हो रही है।
बैठक में यह भी सामने आया कि वर्तमान में अधिकांश गांवों की आम सभा और ग्राम सभा ग्रामीणों की उदासीनता का सामना कर रही हैं। जानकारी होने के बावजूद लोग बैठकों में भाग नहीं ले रहे हैं, लेकिन इस गंभीर समस्या पर भी बैठक में पर्याप्त चर्चा नहीं हुई। जमीन से इतर विवाह, दस्तूर और उत्तराधिकार के नियमों से जुड़े कुछ प्रश्न जरूर उठे, जिन्हें चर्चा योग्य माना गया।
बैठक के अंत में कुछ जागरूक मुंडा जनों ने सवाल उठाए। इस दौरान एक मुंडा द्वारा जागरूकता बढ़ाने के उद्देश्य से मानकी जी को गांव-गांव की बैठकों में आमंत्रित करने का प्रस्ताव रखा गया, हालांकि मानकी जी इस पर अनिच्छुक दिखाई दिए।
कुल मिलाकर, PESA जैसे महत्वपूर्ण विषय पर आयोजित यह बैठक अपेक्षाकृत साधारण ढंग से संपन्न हुई। बैठक से यह निष्कर्ष निकलकर सामने आया कि ग्रामीणों को स्वयं आगे आकर जागरूकता बढ़ानी होगी और केवल शिकायतों के बजाय समाधान की दिशा में ठोस पहल करनी होगी।
सिकुरसाई में PESA कानून को लेकर बैठक, जमीन के मुद्दों पर केंद्रित रही चर्चा

