चाईबासा : झारखंड अपनी 25वीं वर्षगांठ मनाने में व्यस्त है। सरकारी कार्यक्रमों से लेकर मीडिया तक, हर जगह जश्न की भाषा बोली जा रही है। लेकिन राज्य की जनता का सच इस चमक-दमक से बिल्कुल उलट है।
धी. रामहरि पेरियार, एंटी करप्शन ऑफ इंडिया के झारखंड प्रदेश अध्यक्ष, ने बेहद तीखे शब्दों में राज्य की स्थिति पर सवाल उठाए।
उन्होंने कहा पच्चीस साल का झारखंड आज भी नियोजन नीति जैसी बुनियादी चीज के लिए तरस रहा है। सरकारें आईं, सरकारें गईं, लेकिन रोजगार और पारदर्शिता अभी तक पैदा नहीं हुई।
पेरियार ने साफ आरोप लगाया कि राज्य में भ्रष्टाचार केवल बीमारी नहीं, बल्कि व्यवस्था में गहरा धँसा हुआ ढांचा बन चुका है।
अंचल कार्यालय, राजस्व विभाग से लेकर थाना तक—हर जगह जनता की परेशानी कम और सेवा शुल्क ज्यादा सुना जाता है।
सभी राजनीतिक पार्टियों पर सीधा हमला
धी. पेरियार ने सबसे सख्त टिप्पणी करते हुए कहा बीजेपी, आजसू, कांग्रेस और झामुमो इन सभी पार्टियों ने इन 25 वर्षों में बारी-बारी से सरकार बनाई,
लेकिन चारों ने मिलकर झारखंड की जनता को ठगने का काम किया है।
जनता के सपनों को कुचला गया, और नेताओं की जेबें भरी गईं।
उन्होंने कहा कि राज्य गठन का मकसद आदिवासी-अनुसूचित क्षेत्र को सम्मान, अधिकार और अवसर देना था, लेकिन हुआ इसके उलट।
जनता खून-पसीना बहा रही है और पूरा सरकारी सिस्टम अवैध वसूली कर रहा है।
राज्य बना, पर व्यवस्था नहीं बनी
धी. रामहरि पेरियार ने चेतावनी देते हुए कहा जनता फाइल लेकर दफ्तरों में चक्कर काटती है, और अफसर फाइल नहीं, जेब देखने में व्यस्त रहते हैं। अगर यही मॉडल है, तो 25 साल का जश्न एक क्रूर मजाक से ज्यादा कुछ नहीं।
उन्होंने अंत में कहा झारखंड 25 साल का जरूर हो गया, लेकिन ईमानदार शासन, पारदर्शी नीति और रोजगार, आज भी लापता हैं।

