आजादी के 77 साल बाद भी सड़क से वंचित है बलिबा गांव, विकास से कोसों दूर जनता

मनोहरपुर : देश को आज़ादी मिले 77 वर्ष बीत चुके हैं, लेकिन सारंडा क्षेत्र के मनोहरपुर प्रखंड अंतर्गत बलिबा गांव की स्थिति आज भी बदहाल बनी हुई है। आज़ादी से पहले बसे इस गांव तक अब तक पक्की सड़क नहीं बन पाई है। ग्रामीण आज भी कीचड़, पथरीले रास्तों और दुर्गम जंगलों से होकर आवागमन करने को मजबूर हैं।
ग्रामीणों का कहना है कि सड़क निर्माण की मांग दशकों पुरानी है, लेकिन सरकार, प्रशासन और जनप्रतिनिधियों ने इसे कभी गंभीरता से नहीं लिया। आरोप है कि चुनाव के समय विधायक और सांसद विकास के बड़े-बड़े वादे कर वोट लेते हैं, लेकिन चुनाव समाप्त होते ही क्षेत्र की सुध लेने कोई नहीं पहुंचता। ग्रामीणों के अनुसार यह इलाका सिर्फ वोट बैंक बनकर रह गया है।
राजस्व देता है क्षेत्र, लेकिन सुविधाओं से वंचित जनता
सारंडा क्षेत्र प्राकृतिक संसाधनों से समृद्ध है और यहां से होने वाला राजस्व राज्य व देश की अर्थव्यवस्था में योगदान देता है। इसके बावजूद सड़क, स्वास्थ्य, शिक्षा, बिजली और संचार जैसी बुनियादी सुविधाएं आज भी अधूरी हैं।


मंत्रियों का दौरा, लेकिन समस्याओं पर चुप्पी :-
हाल ही में सारंडा वाइल्डलाइफ सेंचुरी को लेकर छोटानगरा में ग्राम सभा के नाम पर कई मंत्री और अधिकारी पहुंचे, लेकिन ग्रामीणों का आरोप है कि किसी ने भी क्षेत्र की जमीनी समस्याओं को गंभीरता से नहीं समझा। ग्रामीणों का कहना है कि बड़ी योजनाओं से पहले बुनियादी जरूरतों को पूरा किया जाना चाहिए।


हक मांगने पर असंवैधानिक गतिविधियों का आरोप :-
ग्रामीणों का आरोप है कि जब वे अपने अधिकारों और सुविधाओं की मांग उठाते हैं, तो प्रशासन असंवैधानिक गतिविधियों का हवाला देकर उनकी आवाज दबा देता है। इससे क्षेत्र की स्थिति वर्षों से जस की तस बनी हुई है।


जनता के सवाल :-
बलिबा गांव सहित आसपास के ग्रामीणों का सवाल है कि क्या वे सिर्फ चुनाव के समय वोट देने के लिए हैं? क्या उनकी समस्याओं का कभी समाधान होगा? क्या आज़ादी के 77 साल बाद भी बुनियादी सुविधाएं सपना ही बनी रहेंगी?


अब भी उम्मीद की किरण :-
ग्रामीणों ने सरकार और प्रशासन से मांग की है कि बलिबा गांव तक जल्द पक्की सड़क का निर्माण कराया जाए, जिससे शिक्षा, स्वास्थ्य, रोजगार और आवागमन की समस्याओं का समाधान हो सके। जनता का कहना है कि अब उन्हें वादे नहीं, बल्कि ज़मीनी स्तर पर ठोस कार्रवाई चाहिए।

By maskal.news

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