चाईबासा : पश्चिम सिंहभूम जिला के मंझारी प्रखंड अंतर्गत दुदुर पहाड़ी क्षेत्र का ग्राम मेरोम होनर पातासाई इन दिनों खास चर्चा में है। यहां एंटी करप्शन ऑफ इंडिया के झारखंड प्रदेश अध्यक्ष तथा रांची लोकसभा और ईचागढ़ विधानसभा से चुनाव लड़ चुके धी. रामहरि पेरियार इन दिनों अपनी पैतृक भूमि पर लौटकर खेती-बाड़ी में सक्रिय भूमिका निभा रहे हैं।
गांव के आसपास इन दिनों धान की फसल कटाई और भंडारण का काम तेजी से चल रहा है। किसान खेतों से धान उठा कर साफ-सफाई के बाद बोरे में भर रहे हैं। मेहनती साथियों की लगन और सामूहिक प्रयासों से अधिकांश घरों में अब एक साल का अनाज व्यवस्थित रूप से सुरक्षित हो चुका है।
इसी बीच धी. रामहरि पेरियार ने अपनी व्यस्त राजनीतिक और सामाजिक जीवन से समय निकालकर अपनी विरासत में मिली संपत्ति को संवारने और खेती-बाड़ी की देखरेख पर विशेष ध्यान दिया है। वे स्वयं खेतों का निरीक्षण कर रहे हैं और ग्रामीणों के साथ खेती की योजनाओं पर चर्चा भी कर रहे हैं।
धी. पेरियार का कहना है खेती केवल अन्न उत्पादन का माध्यम नहीं, बल्कि यह हमारी परंपरा, जड़ों और आत्मनिर्भरता की पहचान है।
उनका यह कदम न सिर्फ ग्रामीण समाज में जागरूकता और आत्मनिर्भरता का संदेश देता है, बल्कि यह भी दर्शाता है कि नेतृत्व तभी सार्थक है जब वह अपनी जड़ों से जुड़ा रहे।
खेती-बाड़ी और विरासत के संरक्षण में जुटे एंटी करप्शन ऑफ इंडिया के झारखंड प्रदेश अध्यक्ष धी. रामहरि पेरियार

