चाईबासा : कांग्रेस भवन में बुधवार को कांग्रेसजनों द्वारा संविधान दिवस उत्साहपूर्ण एवं गरिमामयी वातावरण में मनाया गया। कार्यक्रम की शुरुआत संविधान निर्माण ड्राफ्टिंग कमिटी के अध्यक्ष भारत रत्न डॉ. भीमराव अंबेडकर और संविधान सभा के सदस्य मरांग गोमके के चित्रों पर पुष्प अर्पित कर श्रद्धांजलि देने से हुई।
इसके बाद कांग्रेसजनों ने भारतीय संविधान की प्रस्तावना का सामूहिक पठन गर्व के साथ किया। कार्यक्रम के तहत “संविधान बचाओ” विषय पर संगोष्ठी का आयोजन किया गया, जो प्रदेश कांग्रेस के निर्देशानुसार आयोजित की गई।
संगोष्ठी में बिहार विधानसभा के पूर्व उपाध्यक्ष एवं पूर्व मंत्री देवेंद्र नाथ चांपिया ने कहा कि भारतीय संविधान केवल एक दस्तावेज नहीं, बल्कि लोकतांत्रिक आत्मा का प्रतिबिंब है। इसमें समानता, न्याय, स्वतंत्रता और बंधुत्व जैसे मूल्य हर नागरिक को अधिकारों के साथ कर्तव्य भी देते हैं। संविधान की मूल भावना “सबका सम्मान, सबका अधिकार” को जमीन पर लागू करना आज की आवश्यकता है।
राजीव गांधी पंचायती राज संगठन के प्रदेश अध्यक्ष सुनीत शर्मा ने कहा कि भारत का संविधान सामाजिक न्याय का सबसे बड़ा माध्यम है। बाबा साहेब के सपनों के भारत को साकार करने के लिए संवैधानिक मूल्यों की रक्षा और संवर्धन जरूरी है। संविधान ने हमें गरिमा के साथ जीने का अधिकार दिया है।
कांग्रेस जिला प्रवक्ता त्रिशानु राय ने कहा कि संविधान दिवस केवल औपचारिक कार्यक्रम नहीं बल्कि लोकतांत्रिक पर्व है। कांग्रेस हमेशा संविधान की रक्षा, सामाजिक न्याय और जनाधिकारों के संरक्षण के लिए प्रतिबद्ध रही है।
संगोष्ठी में कांग्रेस के अन्य पदाधिकारियों ने भी विचार व्यक्त किए।
मौके पर कांग्रेस जिला महासचिव कैरा बिरुवा, लियोनार्ड बोदरा, युवा कांग्रेस जिलाध्यक्ष प्रीतम बांकिरा, नगर अध्यक्ष मो. सलीम, शिक्षा विभाग चेयरमैन पुरुषोत्तम दास पान, जिला सचिव जगदीश सुंडी समेत कई पदाधिकारी उपस्थित थे।
चाईबासा कांग्रेस भवन में हर्षोल्लास के साथ मनाया गया संविधान दिवस

