जगन्नाथपुर : झारखण्ड आंदोलनकारी संयुक्त मोर्चा के मुख्य सलाहकार एवं पूर्व विधायक मंगल सिंह बोबोंगा द्वारा जिले में बड़े पैमाने पर बालू के अवैध खनन और व्यापार के खिलाफ खनन मंत्रालय, भारत सरकार को लिखित शिकायत की गई थी। इस शिकायत पर संज्ञान लेते हुए खनन मंत्रालय ने खान एवं भूविज्ञान विभाग, झारखण्ड के सचिव को अधिसूचित नियमों और दिशा-निर्देशों के तहत जांच कर आवश्यक कार्रवाई करने का निर्देश दिया है।

खनन मंत्रालय ने अपने पत्र में कहा है कि खान एवं खनिज (विकास एवं विनियमन) अधिनियम, 1957 की धारा 3(ई) के तहत बालू को गौण खनिज के रूप में अधिसूचित किया गया है। साथ ही, अधिनियम की धारा 15(1) के अनुसार गौण खनिजों से संबंधित खनन पट्टा, खनिज रियायत और नियम बनाने का अधिकार राज्य सरकार को प्राप्त है। इस कारण गौण खनिजों का विनियमन राज्य सरकार के प्रशासनिक अधिकार क्षेत्र में आता है।

इसके अलावा, अधिनियम की धारा 23C राज्य सरकार को अवैध खनन, ढुलाई और भंडारण को रोकने तथा इससे संबंधित नियम बनाने का अधिकार प्रदान करती है। मंत्रालय ने स्पष्ट किया कि अवैध खनन और उससे जुड़े मामलों पर कार्रवाई करना राज्य सरकार की जिम्मेदारी है।

खनन मंत्रालय ने झारखण्ड सरकार से अनुरोध किया है कि प्राप्त शिकायत की जांच कर नियमानुसार कार्रवाई सुनिश्चित की जाए और की गई कार्रवाई से केंद्र सरकार को अवगत कराया जाए।

