सरायकेला में सेफर इंटरनेट दिवस पर जागरूकता कार्यशाला आयोजित

सरायकेला : सरायकेला समाहरणालय सभागार में इंटरनेट दिवस के अवसर पर एक दिवसीय जागरूकता कार्यशाला का आयोजन किया गया। कार्यक्रम की थीसरायकेला में सेफर इंटरनेट दिवस पर जागरूकता कार्यशाला आयोजितम “स्मार्ट तकनीक, सुरक्षित विकल्प: आर्टिफ़िशियल इंटेलिजेंस का सुरक्षित एवं जिम्मेदार उपयोग” रही।

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कार्यशाला की अध्यक्षता उपायुक्त नितिश कुमार सिंह ने की। इस अवसर पर अनुमंडल पदाधिकारी, चांडिल विकास कुमार राय, जिला आपूर्ति पदाधिकारी, जिला सूचना विज्ञान पदाधिकारी, जिला जनसंपर्क पदाधिकारी सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित थे।

उपायुक्त ने अपने संबोधन में साइबर अपराध के विभिन्न तरीकों और उनसे बचाव के उपायों की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि साइबर अपराधी फर्जी मोबाइल ऐप, लॉटरी या इनाम का लालच, नकली कूरियर सर्विस, ऑनलाइन खरीद–फरोख्त और ऑनलाइन शॉपिंग के नाम पर लोगों को ठगते हैं। परिजन की गिरफ्तारी का भय दिखाकर और ऑनलाइन गेमिंग के जरिए भी धोखाधड़ी की जाती है।

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उन्होंने कहा कि साइबर ठगी की घटना के बाद शुरुआती दो से तीन घंटे अत्यंत महत्वपूर्ण होते हैं, जिसे “गोल्डन आवर” कहा जाता है। इस दौरान त्वरित कार्रवाई से ठगी की गई राशि को सुरक्षित किया जा सकता है। किसी भी साइबर फ्रॉड की स्थिति में तुरंत 1930 हेल्पलाइन नंबर पर कॉल करने या राष्ट्रीय साइबर अपराध रिपोर्टिंग पोर्टल पर शिकायत दर्ज कराने की अपील की गई।

पुलिस उपाधीक्षक (मुख्यालय) प्रदीप उरांव ने बताया कि साइबर अपराधी डिजिटल अरेस्ट, फिशिंग लिंक, फर्जी निवेश योजनाओं और सोशल मीडिया संदेशों के माध्यम से लोगों को ठगते हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि डिजिटल अरेस्ट जैसी कोई व्यवस्था नहीं है और ऐसी स्थिति में घबराने के बजाय तुरंत 112 पर कॉल कर पुलिस को सूचना देनी चाहिए। उन्होंने यह भी कहा कि बैंक कभी भी फोन या संदेश के माध्यम से ओटीपी, आधार, पैन या बैंक खाता विवरण नहीं मांगते।

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साइबर थाना प्रभारी ने बताया कि किसी भी अनजान व्यक्ति के साथ ओटीपी, पिन या बैंक से जुड़ी जानकारी साझा न करें। अनजान नंबरों से आने वाले कॉल, वीडियो कॉल, अंतरराष्ट्रीय कॉल से बचें, सार्वजनिक वाई-फाई पर बैंकिंग लेन-देन न करें और अनजान क्यूआर कोड स्कैन न करें।

कार्यशाला के दौरान आर्टिफ़िशियल इंटेलिजेंस, सोशल मीडिया की सुरक्षा, साइबर थ्रेट्स, ऑनलाइन फ्रॉड, डीपफेक, व्हाट्सएप सुरक्षा और डिजिटल अरेस्ट जैसे विषयों पर भी विस्तार से चर्चा की गई।

By maskal.news

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