maskal.news

1492 Posts
जेआरडीसीएल पर बरसे आसपा नेता सनत सिंह सरदार, बोले – सड़क सुरक्षा और स्वच्छता नियमों की उड़ाई जा रही धज्जियां

जेआरडीसीएल पर बरसे आसपा नेता सनत सिंह सरदार, बोले – सड़क सुरक्षा और स्वच्छता नियमों की उड़ाई जा रही धज्जियां

08 नवंबर 2025 : आज़ाद समाज पार्टी (आसपा) के नेता सनत सिंह सरदार ने जेआरडीसीएल कंपनी पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने कहा कि कंपनी सड़क सुरक्षा और स्वच्छता नियमों की पूरी तरह अनदेखी कर रही है।

सरदार ने बताया कि होटल पारस से उषा मोड़ तक सड़क किनारे कचरे का अंबार लगा है, जबकि पूरे क्षेत्र से कचरा उठाने के लिए केवल एक ट्रैक्टर-ट्रॉली लगाई गई है। इससे समय पर सफाई नहीं हो पाती और आसपास का इलाका बदबू व प्रदूषण से भर गया है। उन्होंने कहा कि “प्रदूषण घटने के बजाय बढ़ रहा है और स्थानीय लोगों के स्वास्थ्य पर खतरा मंडरा रहा है।”

उन्होंने आगे बताया कि डीबीसी मोड़, मंगलम और केंदूगाछ के पास सर्विस रोड की हालत भी खराब है—जगह-जगह गड्ढे और टूटे हिस्से लोगों के लिए परेशानी का कारण बने हुए हैं।

इसके अलावा, सड़क लाइटें भी दुरुस्त नहीं हैं। “कुछ लाइटें जलती हैं, कुछ नहीं। अंधेरे में दुर्घटनाओं का खतरा बढ़ जाता है, लेकिन जेआरडीसीएल अधिकारी लापरवाह बने हुए हैं,” उन्होंने कहा।

अंत में सनत सिंह सरदार ने जिला प्रशासन से जेआरडीसीएल की लापरवाही पर तुरंत कार्रवाई की मांग की, साथ ही कहा कि जनता की सुरक्षा और स्वच्छता से समझौता बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।

भारतीय जनता पार्टी कार्यालय में “वंदे मातरम” गीत के 150 वर्ष पूर्ण होने के उपलक्ष्य में एक ऐतिहासिक कार्यक्रम आयोजित

भारतीय जनता पार्टी कार्यालय में “वंदे मातरम” गीत के 150 वर्ष पूर्ण होने के उपलक्ष्य में एक ऐतिहासिक कार्यक्रम आयोजित

भारतीय जनता पार्टी के जिला कार्यालय में शुक्रवार को “वंदे मातरम” गीत के 150 वर्ष पूर्ण होने के उपलक्ष्य में एक ऐतिहासिक कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम की अध्यक्षता जिला अध्यक्ष संजय पांडे ने की। कार्यकर्ताओं ने माँ भारती के चित्र पर पुष्प अर्पित कर कार्यक्रम की शुरुआत की और सामूहिक रूप से “वंदे मातरम” गीत गाया, जिससे पूरा परिसर राष्ट्रभक्ति की भावना से गूंज उठा।

वक्ताओं ने “वंदे मातरम” के ऐतिहासिक महत्व पर प्रकाश डालते हुए बताया कि यह गीत 1875 में बंकिमचंद्र चट्टोपाध्याय ने लिखा था, जो भारत की आत्मा और सांस्कृतिक चेतना का प्रतीक है। 1905 के बंग-भंग आंदोलन में यह गीत स्वतंत्रता संग्राम की प्रेरणा बना और स्वतंत्रता प्राप्ति के बाद इसे राष्ट्रीय गीत का दर्जा मिला।

जिला अध्यक्ष संजय पांडे ने कहा कि “वंदे मातरम” केवल एक गीत नहीं, बल्कि भारत की संस्कृति और आत्मगौरव का प्रतीक है। उन्होंने बताया कि इस अवसर पर आने वाले दिनों में विद्यालयों, महाविद्यालयों और पंचायत स्तर पर भी कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे ताकि “वंदे मातरम” की गौरवगाथा हर नागरिक तक पहुँचे।

कार्यक्रम का समापन राष्ट्रगान और “भारत माता की जय” के नारों के साथ हुआ। इस दौरान पूर्व विधायक जवाहरलाल बानरा, जिला महामंत्री प्रताप कटियार महतो, अभियान संयोजक रूप सिंह दास, महिला मोर्चा प्रमंडलीय प्रभारी सुमन गागराई, एसटी मोर्चा जिला अध्यक्ष तीरथ जमुदा, जय किशन विरूली सहित अनेक कार्यकर्ता उपस्थित थे।