चाईबासा : झारखंड मुक्ति मोर्चा (झामुमो) के जिला प्रवक्ता बुधराम लागुरी ने प्रेस विज्ञप्ति जारी कर कहा कि मनरेगा को रद्द करना भाजपा की गरीब और मजदूर विरोधी मानसिकता को दर्शाता है। उन्होंने कहा कि मनरेगा ग्रामीण मजदूरों के लिए केवल एक योजना नहीं, बल्कि उनकी आजीविका का सुरक्षा कवच है, जिसे केंद्र की भाजपा सरकार साजिश के तहत समाप्त करने का प्रयास कर रही है।
श्री लागुरी ने बताया कि मनरेगा और प्रस्तावित “वीबी-जी रामजी बिल 2025” में बड़ा अंतर है। यह बिल संसद के शीतकालीन सत्र में राज्यों से बिना परामर्श और व्यापक चर्चा के जल्दबाजी में पारित किया गया, जिससे ग्रामीण गरीबों के रोजगार के संवैधानिक अधिकार कमजोर होंगे।
उन्होंने कहा कि मनरेगा का उद्देश्य ग्रामीण क्षेत्रों में प्रत्येक परिवार को हर साल कम से कम 100 दिनों का गारंटीकृत रोजगार देकर गरीबी कम करना, टिकाऊ परिसंपत्तियों का निर्माण करना और महिलाओं तथा एससी/एसटी वर्गों को सामाजिक रूप से सशक्त बनाना है।
बुधराम लागुरी ने घोषणा की कि 27 दिसंबर को दिन के 11 बजे भाजपा सरकार के खिलाफ पुराना डीसी कार्यालय, चाईबासा में जोरदार विरोध प्रदर्शन किया जाएगा। इस कार्यक्रम में झामुमो पश्चिमी सिंहभूम जिला के सभी जिला व वर्ग संगठन, प्रखंड, नगर समितियों के सदस्य, पदाधिकारी और केंद्रीय सदस्य शामिल होंगे।
उन्होंने कहा कि मनरेगा ग्रामीणों को काम, सम्मान और आर्थिक सुरक्षा देता है, जबकि नया बिल मजदूरों की सौदेबाजी की ताकत छीनने का प्रयास है।

