चाईबासा : झारखंड विधानसभा की पर्यावरण एवं प्रदूषण नियंत्रण समिति ने अपने निर्धारित भ्रमण एवं स्थल अध्ययन कार्यक्रम के तहत पश्चिमी सिंहभूम जिला का दौरा किया। समिति के चाईबासा आगमन पर परिसदन में जिले के वरीय पदाधिकारियों द्वारा समिति के सभापति एवं सदस्यों का पुष्पगुच्छ देकर स्वागत किया गया।
इसके बाद परिसदन सभागार में समिति के सभापति विधायक उदय शंकर सिंह की अध्यक्षता में समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में समिति सदस्य विधायक श्वेता सिंह, जिगा सुसारन होरो, संजीव सरदार एवं रोशन लाल चौधरी सहित सभी वन प्रमंडल पदाधिकारी, अपर उपायुक्त, सिविल सर्जन, कार्यपालक अभियंता एवं अन्य जिला स्तरीय पदाधिकारी उपस्थित रहे।
बैठक में जिले की खदानों की स्थिति, बालू घाटों की अद्यतन जानकारी तथा राजस्व संग्रह की प्रगति की समीक्षा की गई। अधिकारियों ने बताया कि निर्धारित लक्ष्य के अनुरूप राजस्व संग्रह किया जा रहा है। साथ ही अवैध खनन के विरुद्ध की गई कार्रवाई, दर्ज प्राथमिकी, जब्त वाहन एवं वसूली गई राशि की जानकारी समिति को दी गई। समिति ने अवैध खनन, भंडारण एवं परिवहन पर सख्त एवं निरंतर कार्रवाई के निर्देश दिए।
प्रदूषण नियंत्रण विभाग से औद्योगिक इकाइयों में प्रदूषण की स्थिति की समीक्षा की गई। समिति ने सभी इकाइयों में एयर पॉल्यूशन कंट्रोल यूनिट की अनिवार्य स्थापना, पर्यावरणीय मानकों का कड़ाई से पालन, पौधारोपण, चाहरदीवारी निर्माण तथा सड़कों पर नियमित जल छिड़काव सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। साथ ही प्रदूषण से संबंधित शिकायतों का समयबद्ध निष्पादन करने को कहा गया।
बैठक में श्रम अधीक्षक को न्यूनतम मजदूरी भुगतान और श्रम कानूनों के पालन की नियमित निगरानी करने के निर्देश दिए गए। नियोजन पदाधिकारी को स्थानीय लोगों को 75 प्रतिशत रोजगार उपलब्ध कराने हेतु प्रभावी कार्रवाई करने को कहा गया। स्वास्थ्य विभाग को बायो-मेडिकल वेस्ट का वैज्ञानिक एवं सुरक्षित निस्तारण सुनिश्चित करने का निर्देश दिया गया।
इसके अलावा समिति ने पेयजल, डीएमएफटी, भू-अर्जन, नगर निकाय सहित अन्य विभागों की भी समीक्षा की और सभी योजनाओं के प्रभावी, पारदर्शी एवं समयबद्ध क्रियान्वयन के निर्देश दिए।

