सरायकेला: अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस के अवसर पर सरायकेला में पेयजल एवं स्वच्छता प्रमंडल तथा झारखंड स्टेट लाइवलीहुड प्रमोशन सोसाइटी (JSLPS) के संयुक्त तत्वावधान में जल महोत्सव पखवाड़ा सह सम्मान समारोह का आयोजन किया गया।
कार्यक्रम की मुख्य अतिथि उप विकास आयुक्त रीना हांसदा ने उपस्थित जनसमूह को जल संरक्षण की शपथ दिलाई तथा सभी को अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस की शुभकामनाएँ दीं। उन्होंने जेएसएलपीएस और पेयजल एवं स्वच्छता प्रमंडल से जुड़ी महिलाओं (दीदियों) द्वारा क्षेत्र में किए जा रहे कार्यों की सराहना करते हुए कहा कि सभी पदाधिकारी और कर्मी अपनी-अपनी जिम्मेदारियों का निर्वहन पूरी तत्परता और ईमानदारी के साथ करें।

उन्होंने कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों में लोगों को शौचालय के नियमित उपयोग, स्वच्छता, जल संरक्षण, जल संचयन तथा महिला सशक्तिकरण के प्रति निरंतर जागरूक करना आवश्यक है। महिलाओं के उत्थान और सशक्तिकरण के लिए समाज को एकजुट होकर कार्य करने की जरूरत है। उन्होंने कहा कि जब महिलाएँ सशक्त होती हैं, तो परिवार, समाज और राष्ट्र के विकास को नई गति मिलती है। जिस समाज में महिलाएँ मजबूत होती हैं, वहाँ सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं का प्रभावी क्रियान्वयन भी संभव हो पाता है।

उप विकास आयुक्त ने विभिन्न प्रखंडों और पंचायतों में कार्यरत महिलाओं से आह्वान किया कि वे अपने-अपने क्षेत्रों में नेतृत्वकारी भूमिका निभाते हुए कार्य करें, ताकि विकास कार्यों में पारदर्शिता बढ़े, लोगों का विश्वास मजबूत हो और विकास कार्यों को गति मिले। उन्होंने कहा कि सशक्त महिला को अपने अधिकारों और कर्तव्यों के प्रति सजग रहना चाहिए तथा परिवार, समाज और राष्ट्र निर्माण में सक्रिय भागीदारी निभानी चाहिए।
उन्होंने यह भी कहा कि स्वयं सहायता समूहों के माध्यम से महिलाएँ सशक्त होकर आत्मनिर्भर बन रही हैं और अपने क्षेत्रों में अन्य महिलाओं को भी सशक्त बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही हैं। महिला और पुरुष यदि मिलकर सामूहिक प्रयास करें, तो समाज और राष्ट्र के विकास की गति और अधिक तेज हो सकती है।

कार्यक्रम के अंत में विभिन्न क्षेत्रों में उत्कृष्ट कार्य करने वाली जल सहिया, बैंक सखी तथा विभिन्न पंचायतों की महिला मुखिया और सदस्यों को उप विकास आयुक्त द्वारा प्रशस्ति पत्र प्रदान कर सम्मानित किया गया। इस अवसर पर विभागीय पदाधिकारी, कर्मीगण तथा स्वयं सहायता समूहों से जुड़ी बड़ी संख्या में महिलाएँ उपस्थित थीं ।

