रांची : झारखंड में नगर निकाय चुनाव की प्रक्रिया शुरू होने के साथ ही राज्य के शहरी विकास को नई रफ्तार मिलने की संभावना बढ़ गई है। केंद्र सरकार से 15वें वित्त आयोग की लंबित राशि के रूप में राज्य को लगभग 2,148 करोड़ रुपये मिलने का रास्ता साफ हो गया है। यह राशि पिछले तीन वर्षों से नगर निकायों के गठन न होने के कारण लंबित थी।

नगर विकास एवं आवास विभाग ने केंद्र को पत्र भेजकर निकाय चुनाव की प्रक्रिया शुरू होने की औपचारिक जानकारी दी है और राशि जारी करने का अनुरोध किया है। राज्य को प्रतिवर्ष लगभग 728 करोड़ रुपये मिलने हैं, जो अब निकायों के गठन के बाद जारी किए जा सकेंगे।

नगर विकास एवं आवास मंत्री सुदिव्य कुमार ने अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि केंद्र और आगामी बजट से मिलने वाली राशि के आधार पर शहरों के विकास के लिए ठोस कार्ययोजना तैयार की जाए। लंबित परियोजनाओं को प्राथमिकता दी जाएगी ताकि आम नागरिकों को सीधे लाभ मिल सके।
तीन वर्षों से अटकी इस राशि के कारण कई महत्वपूर्ण शहरी परियोजनाएं ठप पड़ी थीं। इसके अलावा, पंचायत चुनावों के बाद ग्रामीण क्षेत्रों को भी राहत मिली है। वित्त वर्ष 2024-25 के लिए 15वें वित्त आयोग की बेसिक ग्रांट की दूसरी किस्त के रूप में राज्य को 275.12 करोड़ रुपये जारी किए जाने की सिफारिश की गई है।

इस राशि से सड़क, नाली, वेंडिंग जोन, तालाबों का पुनर्विकास, बस एवं ऑटो स्टैंड, बाजार परिसर, सामुदायिक केंद्र, पार्क, जलापूर्ति व्यवस्था, वर्षा जल संचयन और वायु गुणवत्ता निगरानी जैसी योजनाओं को प्राथमिकता दी जाएगी।
विकास परियोजनाओं का चयन हाई पावर कमेटी करेगी, ताकि पारदर्शिता बनी रहे और शहरों की जरूरत के अनुसार योजनाओं को लागू किया जा सके। वित्त वर्ष 2025-26 में इस मद में 728 करोड़ रुपये का बजटीय प्रावधान किया गया है।

