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कोंका कमार करमाली के जन्मदिन पर श्रद्धांजलि कार्यक्रम, गुमनाम वीर स्वतंत्रता सेनानी को याद किया गया

कोंका कमार करमाली के जन्मदिन पर श्रद्धांजलि कार्यक्रम, गुमनाम वीर स्वतंत्रता सेनानी को याद किया गया

बोकारो : कसमार प्रखंड के गुमनाम स्वतंत्रता सेनानी कोंका कमार करमाली के जन्मदिन के अवसर पर बारिडीह स्थित कोंका कमार करमाली चौक पर श्रद्धांजलि कार्यक्रम आयोजित किया गया। स्थानीय लोगों ने पुष्प अर्पित कर इस वीर सेनानी को नमन किया।

स्वतंत्रता संग्राम के दौरान कोंका कमार करमाली ने अंग्रेजों के खिलाफ मोर्चा खोला था। कहा जाता है कि वे हमेशा अपने साथ बाली लोहा से बनी टांगी रखते थे और उसी से उन्होंने कई अंग्रेजों को मार गिराया था।

बिरसा मुंडा के आंदोलन से प्रभावित होकर लोहरा और करमाली जनजाति के लोगों ने स्वतंत्रता आंदोलन में सक्रिय भूमिका निभाई। इस जनजाति के लोग चितरिया पत्थर से लोहा गलाकर ‘बाली लोहा’ तैयार करते थे और उससे तलवार, भाला, टांगी, फरसा और तीर की नोंक जैसे हथियार बनाकर बंगाल क्षेत्र में स्वतंत्रता सेनानियों को आपूर्ति करते थे। इन हथियारों से अंग्रेजों की हुकूमत के खिलाफ लड़ाई को मजबूती मिली।

कोंका कमार करमाली इस आंदोलन के नेतृत्वकर्ताओं में से एक माने जाते हैं। वंशजों के अनुसार, वे युद्ध कौशल के धनी थे और तलवार, भाला व टांगी चलाने में निपुण थे। उनकी वीरता के बावजूद इतिहास में उन्हें उचित स्थान नहीं मिल पाया।

आयोजित कार्यक्रम में सन्नी समाड, विष्णु बानरा, राजा पूर्ति और सुभाष मुंडा सहित कई लोगों ने शामिल होकर उन्हें श्रद्धांजलि दी।