#पश्चिमी_सिंहभूम : चाईबासा से रुँगटा प्लांट के बीच लगातार हो रहे सड़क हादसों को लेकर मंझारी प्रखंड जिला परिषद मधव चंद्र कुंकल ने सोशल मीडिया पर गहरी चिंता जाहिर की है। उन्होंने कहा कि इन हादसों के कारण कई परिवार उजड़ रहे हैं — किसी का सिंदूर मिट रहा है, किसी पिता का साया पुत्र से हमेशा के लिए उठ जा रहा है, तो कई लोग जीवनभर के लिए अपंग हो रहे हैं।
जिला परिषद ने आरोप लगाया कि यह सब वर्तमान झारखंड सरकार, परिवहन मंत्री, पुलिस प्रशासन और पूंजीपति रुँगटा समूह के गठजोड़ का परिणाम है। उनके अनुसार, रुँगटा प्लांट की सुविधाओं के लिए दिनभर भारी वाहनों के परिचालन से पिछले छह महीनों में 160 से अधिक लोगों की मौत सड़क दुर्घटनाओं में हुई है।
आंदोलन और प्रशासन की कार्रवाई
स्थानीय लोगों द्वारा NO ENTRY की मांग को लेकर मंत्री, विधायक और प्रशासनिक अधिकारियों को कई बार अवगत कराया गया।
27 अक्टूबर 2025 को तांबो चौक पर एक जोरदार आंदोलन भी किया गया, लेकिन समाधान की बजाय पुलिस प्रशासन ने
75 नामजद लोगों पर मुकदमा दर्ज किया
500 से अधिक अज्ञात लोगों पर केस किया
16 आदिवासी युवक और महिलाओं को जेल भेज दिया
सरकार पर तीखे सवाल
मधव चंद्र कुंकल ने झारखंड मुक्ति मोर्चा सरकार को घेरते हुए कहा कि जो सरकार खुद को ‘आदिवासी हितैषी’ कहती है, उसके कार्यों से साफ पता चलता है कि आम लोगों की जिंदगी की कीमत सत्ता के सामने नगण्य हो चुकी है।
उन्होंने कहा,
“नशा चाहे चरस का हो, अफीम का हो या सत्ता का — वह दिमाग को अपने नियंत्रण में ले लेता है और सही-गलत के निर्णय लेने की क्षमता को कमजोर कर देता है। झारखंड सरकार और वर्तमान परिवहन मंत्री की हालत भी ठीक वैसी ही हो गई है। लेकिन हर नशे का इलाज होता है — और सत्ता के नशे का इलाज जनता के पास है। सत्ता कभी स्थाई नहीं होती।”
मामले को लेकर स्थानीय लोगों में आक्रोश बढ़ता जा रहा है और अब जरूरत है कि प्रशासन एवं सरकार सड़क सुरक्षा को लेकर ठोस कदम उठाए, ताकि लगातार हो रहे हादसों पर रोक लग सके।
जिला परिषद मधव चंद्र कुंकल ने सड़क हादसों पर उठाई आवाज — रुँगटा प्लांट व प्रशासन पर लगाए गंभीर आरोप

