जमशेदपुर : देश की औद्योगिक राजधानी जमशेदपुर ने एक बार फिर बड़ी उपलब्धि हासिल की है। टाटा कमिंस प्राइवेट लिमिटेड ने भारत का पहला हाइड्रोजन आधारित आंतरिक दहन इंजन विकसित किया है। यह सफलता टाटा मोटर्स और अमेरिकी इंजन निर्माता कंपनी कमिंस के संयुक्त प्रयास से मिली है, जिसे ऑटोमोबाइल और ग्रीन एनर्जी सेक्टर के लिए अहम माना जा रहा है।
कंपनी ने बी6.7एच (B6.7H) श्रेणी का यह इंजन तैयार किया है, जिसका उत्पादन मार्च 2024 से जमशेदपुर संयंत्र में शुरू हो चुका है। हाइड्रोजन ईंधन पर आधारित यह इंजन पर्यावरण के अनुकूल है और शून्य कार्बन उत्सर्जन वाले वाहनों की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।
टाटा कमिंस के जमशेदपुर प्लांट में फिलहाल प्रतिदिन 400 से अधिक इंजन बनाए जा रहे हैं। हाइड्रोजन इंजन के उत्पादन से जमशेदपुर एक प्रमुख ऑटोमोबाइल और ग्रीन एनर्जी हब के रूप में उभर रहा है, जिससे स्थानीय उद्योगों को बढ़ावा मिलेगा और रोजगार के नए अवसर पैदा होंगे।
कंपनी अधिकारियों का कहना है कि यह तकनीक बसों, ट्रकों और भारी औद्योगिक वाहनों के लिए गेम चेंजर साबित हो सकती है। यह पहल भारत सरकार के नेट ज़ीरो कार्बन उत्सर्जन लक्ष्य और हरित ऊर्जा मिशन के अनुरूप है।
जमशेदपुर में बने इस पहले हाइड्रोजन इंजन के साथ टाटा कमिंस ने न केवल तकनीकी क्षेत्र में नया रिकॉर्ड बनाया है, बल्कि भारत को वैश्विक ग्रीन मोबिलिटी के मानचित्र पर मजबूत पहचान दिलाने की दिशा में भी बड़ा कदम उठाया है।
जमशेदपुर में भारत का पहला हाइड्रोजन इंजन तैयार, टाटा कमिंस ने रचा इतिहास

