जामताड़ा : जिला जामताड़ा अंतर्गत नारायणपुर प्रखंड के करमदाहा मेला में अवैध शराब (हाड़िया) की खुलेआम खरीद-बिक्री, डाईस/बाईस (जुआ) के संचालन तथा आदिवासी क्षेत्रों में नाइट जात्रा ड्रामा एवं आर्केस्ट्रा जैसे असामाजिक कार्यक्रमों पर पूर्ण प्रतिबंध की मांग को लेकर भारत दिसोम आदिवासी संघ के प्रतिनिधिमंडल ने सोमवार को उपायुक्त एवं अनुमंडल पदाधिकारी को ज्ञापन सौंपा।
ज्ञापन में संघ ने आरोप लगाया कि करमदाहा मेला सहित विभिन्न मेलों एवं जात्रा कार्यक्रमों में दिन-दहाड़े शराब बेची और पिलाई जाती है तथा जुआ खेला जाता है। इन आयोजनों में महिलाओं के लिए न तो कोई सुरक्षा व्यवस्था है और न ही बुनियादी सुविधाएँ, जिसके कारण आदिवासी महिलाओं के साथ शोषण, अत्याचार एवं अन्य आपराधिक घटनाओं की आशंका बनी रहती है।
संघ ने कहा कि ऐसे कार्यक्रम आदिवासी समाज को नशे की गिरफ्त में धकेलने का कार्य कर रहे हैं, जिससे समाज अपने संवैधानिक अधिकारों और सांस्कृतिक मूल्यों से दूर होता जा रहा है। यदि समय रहते प्रशासन ने कठोर कदम नहीं उठाए, तो आदिवासी समाज का सामाजिक ताना-बाना गंभीर रूप से प्रभावित होगा।
भारत दिसोम आदिवासी संघ ने प्रशासन से करमदाहा मेला सहित आदिवासी क्षेत्रों में अवैध शराब, जुआ तथा नाइट जात्रा ड्रामा एवं आर्केस्ट्रा पर तत्काल पूर्ण प्रतिबंध लगाने की मांग की। साथ ही चेतावनी दी कि मांगें नहीं मानी गईं तो समाज हित में जन आंदोलन किया जाएगा।
इस अवसर पर अनुमंडल पदाधिकारी ने आश्वासन दिया कि नाइट जात्रा ड्रामा के लिए किसी भी प्रकार की अनुमति नहीं दी जाएगी तथा जबरन आयोजन करने वालों के विरुद्ध कठोर कार्रवाई की जाएगी।
मौके पर केंद्रीय अध्यक्ष सुरेश मुर्मू, जिला अध्यक्ष प्रेम मरांडी सहित उमेश हांसदा, छोटेलाल हेंब्रम, राकेश मुर्मू, विजय मरांडी, दुर्गा टुडू, प्रफुल्ल सोरेन, मिथुन मरांडी, शिव सोरेन, सोनालाल मरांडी, ऑफिसर सोरेन, मुकेश मरांडी, विजय हेंब्रम, नागेश्वर सोरेन समेत कई सदस्य उपस्थित थे।
करमदाहा मेला में अवैध शराब और जुआ पर रोक की मांग, नाइट जात्रा ड्रामा पर प्रतिबंध को लेकर सौंपा गया ज्ञापन

